स्टूडेंट्स को तनाव से दूर रखने और उन्हें वास्तविक आनंद का भाव देने के लिए अब दिल्ली की हैप्पीनेस क्लास की तर्ज पर लखनऊ यूनिवर्सिटी नए सेशन से 'एजुकेशन फॉर हैप्पीनेस' नामक एक नया कोर्स शुरू करने जा रहा है। एजुकेशन डिपार्टमेंट के एमएड के तहत शुरू हो रहे इस कोर्स के जरिए स्टूडेंट्स को हर स्थिति में मुस्कुराने की कला सिखाने की कोशिश की जाएगी। इस बारे में लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रवक्ता दुर्गेश कुमार ने बताया कि नए सेशन से इस कोर्स की शुरुआत की जाएगी।
दर्शन, गीता भी होगा शामिल
खास बात यह है कि ये एक इंटर डिपार्टमेंटल कोर्स है, जिसमें विज्ञान और एमकॉम पढ़ रहे स्टूडेंट्स भी हिस्सा ले सकते है। शिक्षा शास्त्र की विभागाध्यक्ष अमिता वाजपेयी के मुताबिक नए सेशन से एमएड तृतीय और चतुर्थ सेमेस्टर में इस हैप्पीनेस कोर्स जोड़ेगा। इस कोर्स का मकसद वर्चुअल माध्यम से खुशी ढूंढ़ रहे बच्चों को समाज और परिवार के साथ मिलने वाली वास्तविक खुशी के बारे में बताना है। इसके अवाला पाठ्यक्रम में दर्शन, गीता से जुड़ी चीजें भी शामिल की गई हैं।
बाद में डिग्री और डिप्लोमा कोर्स भी होगा शुरू
भारत और पश्चिमी देशों में हैप्पीनेस के मतलब अलग-अलग हैं। यह कोर्स पूरा पेपर है। यह वैकल्पिक कोर्स है, जिसे एमएससी करने वाला बच्चा भी पढ़ा सकता है। इसे फैकल्टी बोर्ड की मुहर मिलने के बाद एकेडमिक काउंसिल में भेजा जाएगा, यहां से सहमति मिलने के बाद यह पाठ्यक्रम का हिस्सा बन जाएगा। साथ ही मांग बढ़ने पर इसमें डिग्री और डिप्लोमा कोर्स भी शुरू किए जाएंगे।